15 अक्टूबर 2026 को चीन और उत्तर कोरिया ने नए यालूजियांग पुल का उद्घाटन समारोह आयोजित किया। यह पुल चीन के शहर दांदोंग और उत्तर कोरिया के सिनुइजू को जोड़ता है।
निर्माण तो 2014 में ही पूरा हो गया था, लेकिन उद्घाटन 12 साल तक टलता रहा। इसका कारण उत्तर कोरियाई पक्ष पर अधूरे काम — सड़कें और सीमा शुल्क सुविधाएं — थे।
लगभग 3 किलोमीटर लंबे और चार लेन वाले इस पुल को 1943 में बने पुराने मित्रता पुल की जगह लेनी है। पुराने पुल में केवल एक लेन है और वह रेलमार्ग के साथ संयुक्त है।
लगभग 2,2 अरब युआन की लागत वाली इस परियोजना का पूरा वित्तपोषण चीन ने किया। निर्माण समझौता 2009 में तत्कालीन प्रधानमंत्री वेन जियाबाओ की प्योंगयांग यात्रा के दौरान हुआ था।
यह उद्घाटन संबंधों में गर्मजोशी के माहौल में हुआ। सितंबर 2025 में किम जोंग उन ने चीन का दौरा किया, और जून 2026 में शी जिनपिंग उत्तर कोरिया पहुंचे। दोनों देशों के बीच व्यापार बहाल हो रहा है: 2026 की पहली छमाही में यह 19,6 % बढ़ा।
चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने कहा कि यह पुल संपर्क के लिए महत्वपूर्ण अवसंरचना बनेगा और आर्थिक, व्यापारिक तथा मानवीय आदान-प्रदान को बढ़ावा देगा।
उत्तर कोरियाई मीडिया ने अब तक उद्घाटन की खबर नहीं दी है, जबकि चीनी मीडिया ने दी है। समारोह से कुछ दिन पहले पुल पर दोनों देशों के झंडे लग गए थे और ट्रक चलने लगे थे।
नया पुल प्रतिदिन 20 हजार वाहनों और 50 हजार यात्रियों तक को आवागमन की सुविधा दे सकता है। इसका सीमावर्ती शहरों के रोजमर्रा के जीवन पर क्या असर पड़ेगा?
इससे कुछ समय पहले उत्तर कोरिया ने रूस के साथ अपना पहला सड़क पुल खोला था। ये कदम प्योंगयांग की पड़ोसियों के साथ परिवहन संपर्क बढ़ाने की इच्छा दर्शाते हैं।


