उत्तरी अमेरिका की महान झीलों के जल में ऐसे जीव तैरते हैं जिनकी आयु शायद सदियों में मापी जाती है। नए आँकड़े बताते हैं कि झील स्टर्जन (Acipenser fulvescens) 400 वर्ष या उससे भी अधिक तक जीवित रह सकता है — जो पहले के अनुमानों से लगभग दोगुना है।
पहले वैज्ञानिकों का मानना था कि इस प्रजाति की अधिकतम आयु-अवधि लगभग 150 वर्ष है। लेकिन मिशिगन, ह्यूरॉन और अन्य झीलों में चिह्नित मछलियों की चार दशकों की निगरानी के विश्लेषण ने एक अलग तस्वीर दिखाई। बड़ी मछलियों की धीमी वृद्धि के कारण आयु का पुनर्मूल्यांकन हुआ: मादाएँ 427 वर्ष तक और नर 279 वर्ष तक पहुँच सकते हैं।
ऐसे आँकड़े झील स्टर्जन को पृथ्वी के सबसे दीर्घजीवी कशेरुकियों की श्रेणी में रखते हैं, जो ग्रीनलैंड शार्क से ही पीछे है। ये «जीवित डायनासोर» प्राचीन मछलियों के वंशज हैं, जिनके पूर्वज जुरासिक काल में भी रहते थे। हो सकता है कि कुछ मछलियाँ संयुक्त राज्य अमेरिका की स्थापना से भी पहले यहाँ तैर रही हों।
प्रजाति का दीर्घ जीवन उसके संरक्षण के दृष्टिकोण को बदल देता है। अत्यधिक मछली पकड़ने और पर्यावरण में बदलाव के कारण बहुत घट चुकी आबादी की बहाली में दशकों और यहाँ तक कि सदियाँ लगेंगी। मछलियाँ अत्यंत धीमी गति से बढ़ती हैं, और आनुवंशिक विविधता के लिए हर पीढ़ी का विशेष महत्व है।
Journal of Fish Biology में प्रकाशित अध्ययन इस क्षेत्र की नदियों और झीलों में वास्तविक पकड़ और पुनः-पकड़ के आँकड़ों पर आधारित है। वैज्ञानिक इस बात पर ज़ोर देते हैं: अलग-अलग मछलियों की सटीक आयु अभी सीधे तौर पर पुष्ट नहीं हुई है, लेकिन वृद्धि-दर के आधार पर गणनाएँ विश्वसनीय लगती हैं।
यह खोज याद दिलाती है कि मीठे जल के पारिस्थितिक तंत्र कितने नाज़ुक और साथ ही कितने टिकाऊ हैं। ऐसे प्राचीन निवासियों की देखभाल के लिए मानव जीवनकाल से परे धैर्य चाहिए।
