Google और NASA की जेट प्रोपल्शन प्रयोगशाला ने एक कृत्रिम बुद्धिमत्ता विकसित की है जो अंतरिक्ष से वैश्विक मीथेन उत्सर्जन की निगरानी करती है। इस मॉडल का नाम MAPL-EMIT रखा गया और इसे वैज्ञानिक पत्रिका Proceedings of the National Academy of Sciences में प्रस्तुत किया गया।
यह उपकरण अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर लगे EMIT स्पेक्ट्रोमीटर के डेटा का उपयोग करता है। यह मीथेन स्रोतों की पहचान और स्थान-निर्धारण को स्वचालित बनाता है, जिसमें परस्पर अतिव्यापी प्लूम के मामले भी शामिल हैं।
मॉडल को 3,6 मिलियन भौतिक रूप से अनुकरण किए गए मीथेन प्लूम पर प्रशिक्षित किया गया। इससे यह जटिल भू-दृश्यों को बेहतर ढंग से संभाल सकी और ऐसी परिस्थितियों में रिसाव का पता लगा सकी जहाँ पहले मैन्युअल विश्लेषण की आवश्यकता होती थी।
परीक्षणों के परिणामों के अनुसार, MAPL-EMIT मानव विशेषज्ञों की तुलना में 50% अधिक मीथेन रिसाव का पता लगाता है। इसके अलावा, इस प्रणाली ने दुनिया भर में 23 हज़ार से अधिक छिपे हुए प्लूमों का पता लगाया, जिनमें 25 सबसे बड़े उत्सर्जन-स्रोत लैंडफिल में से 24 भी शामिल हैं।
नगरपालिका ठोस अपशिष्ट लैंडफिल संयुक्त राज्य अमेरिका में मीथेन के तीन प्रमुख मानवजनित स्रोतों में शामिल हैं। ऐसे स्थानों की खोज के स्वचालन से targeted mitigation — लक्षित उत्सर्जन कटौती — को तेज़ करने में मदद मिलती है।
यह सहयोग Google के सुपर-प्रदूषकों से निपटने के काम को आगे बढ़ाता है। इससे पहले कंपनी ने अपशिष्ट पुनर्चक्रण और कार्बन क्रेडिट के सृजन के लिए AMP के साथ साझेदारी की थी।
आने वाले वर्षों में मीथेन उत्सर्जन को कम करने के वैश्विक प्रयासों पर इसका क्या प्रभाव पड़ेगा?
