वैज्ञानिकों ने एक ऐसा बेहद हल्का सिंथेटिक मटेरियल विकसित किया है, जो छूने में तो मुलायम कपास जैसा महसूस होता है, लेकिन पानी बिल्कुल नहीं सोखता। एसीएस एनर्जी लेटर्स (ACS Energy Letters) पत्रिका में प्रकाशित यह शोध भीषण ठंड की परिस्थितियों में पहने जाने वाले कपड़ों के लिए काफी मददगार साबित हो सकता है।
इस नई तकनीक की प्रेरणा कपास की प्राकृतिक बनावट से ली गई है। कुआन शी के नेतृत्व में शोधकर्ताओं ने पॉलिमर फाइबर के भीतर 'फेज-चेंज हाइड्रोकार्बन' के सूक्ष्म कैप्सूल शामिल किए हैं। ये सूक्ष्म कैप्सूल बाहरी तापमान के अनुसार पिघलते या जमते हैं, जिससे गर्मी को रोकने या उसे बाहर निकालने में मदद मिलती है।
सामान्य कपास के विपरीत, यह नया कपड़ा न तो नमी वाली जगह पर वाष्प सोखता है और न ही पानी की बूंदों को अंदर जाने देता है। बार-बार मोड़ने के बावजूद यह पूरी तरह सूखा रहता है और इसका लचीलापन भी बना रहता है।
प्रयोगशाला के परीक्षणों में यह सामग्री कपास से कहीं बेहतर साबित हुई: माइनस 25 डिग्री सेल्सियस तापमान में इस कपड़े से ढका हाथ काफी गर्म बना रहा। वहीं कमरे के सामान्य तापमान पर इसने गर्मी को बाहर निकलने दिया, जिससे शरीर का तापमान संतुलित रहा और पसीना नहीं आया।
20 बार धोने के बाद भी इस प्रोटोटाइप की कोमलता बरकरार रही, इसके रेशे नहीं निकले और यह अपनी 97 प्रतिशत गर्मी रोकने की क्षमता बनाए रखने में सफल रहा। अपनी इन्हीं खूबियों के कारण यह सामग्री रोज़मर्रा के कपड़ों और विशेष उपकरणों के लिए एक बेहतरीन विकल्प बन सकती है।
फिलहाल यह शोध अभी प्रोटोटाइप चरण में है, लेकिन यह कपास जैसी सुखद अनुभूति और सिंथेटिक कपड़ों की व्यावहारिकता का ऐसा बेजोड़ मेल है, जिसमें दोनों की कमियां नदारद हैं।




