29 जून को 2026 फीफा विश्व कप आधिकारिक तौर पर उस मोड़ पर पहुँच गया जहाँ 'एक गलती सब कुछ खत्म' कर सकती थी। राउंड ऑफ 32 में तीन मैच खेले गए, और हर मुकाबले ने अपने अंदाज़ में यह याद दिलाया कि नॉकआउट चरण में अब कोई भी मुकाबला आसान नहीं रह गया है। ब्राजील ने कड़े संघर्ष के बाद जापान को शिकस्त दी, पराग्वे ने पेनल्टी शूटआउट में जर्मनी को बाहर का रास्ता दिखाया, जबकि मोरक्को ने नीदरलैंड को टूर्नामेंट से विदा कर दिया—यह भी पेनल्टी के जरिए ही मुमकिन हुआ।
शुरुआती कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण—ब्राजील बनाम जापान—बेहद तनावपूर्ण और नाटकीय रहा। जापानी टीम कहीं से भी कमजोर नजर नहीं आ रही थी: उन्होंने पहला गोल दागा और लंबे समय तक खेल पर अपनी पकड़ बनाए रखी। हालांकि, ब्राजील ने खराब पहले हाफ के बावजूद वापसी का रास्ता खोज ही लिया। पहले टीम ने स्कोर बराबर किया और फिर खेल के अंतिम क्षणों में 2-1 से जीत छीन ली। ईएसपीएन (ESPN) और द गार्डियन (The Guardian) के अनुसार, गेब्रियल मार्टिनेली ने इंजरी टाइम में विजयी गोल किया, जिससे ब्राजील ने राउंड ऑफ 16 में प्रवेश किया, जहाँ उसका सामना आइवरी कोस्ट और नॉर्वे के बीच होने वाले मैच के विजेता से होगा।
लेकिन दिन का सबसे बड़ा उलटफेर जर्मनी का टूर्नामेंट से बाहर होना था। पराग्वे के खिलाफ मैच 1-1 की बराबरी पर छूटा, जिसके बाद हार-जीत का फैसला पेनल्टी शूटआउट से हुआ। पराग्वे के खिलाड़ी अधिक सटीक रहे—4-3 के अंतर से जीतकर उन्होंने विश्व फुटबॉल के दिग्गज देशों में से एक को बाहर कर दिया। जर्मनी के लिए यह हार एक गहरा जख्म साबित हुई: टीम ने ग्रुप चरण तो पार कर लिया था, लेकिन नॉकआउट की पहली ही बाधा पर वे लड़खड़ा गए। लाइवमिंट (LiveMint) ने इस नतीजे को दिन के सबसे बड़े उलटफेरों में से एक बताया।
नीदरलैंड और मोरक्को के बीच देर रात हुए मुकाबले ने चौंकाने वाले नतीजों का सिलसिला जारी रखा। निर्धारित समय तक यह मैच भी 1-1 की बराबरी पर रहा, लेकिन पेनल्टी शूटआउट में मोरक्को ने 3-2 से बाजी मार ली। मोरक्ко ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वे एक ऐसी टीम हैं जो बड़े मैचों के दबाव को झेलना, रक्षात्मक खेल दिखाना और धैर्य बनाए रखना जानते हैं। इस जीत के साथ मोरक्को की टीम अब राउंड ऑफ 16 में कनाडा से भिड़ेगी।
इस तरह, 29 जून विरोधाभासों से भरा दिन रहा। ब्राजील ने अपने अनुभव और बेंच स्ट्रेंथ के दम पर जीत हासिल की, पराग्वे ने जर्मनी के खिलाफ बड़ा धमाका किया, और मोरक्को ने एक बार फिर दिखाया कि बड़े टूर्नामेंटों में उनकी सफलता अब महज कोई इत्तेफाक नहीं है। नॉकआउट का पहला दौर अभी शुरू ही हुआ है, लेकिन टूर्नामेंट ने पहले ही जर्मनी और नीदरलैंड जैसे दो यूरोपीय दिग्गजों को खो दिया है।
29 जून के मुकाबलों के बाद नॉकआउट की तस्वीर और भी दिलचस्प हो गई है। ब्राजील को अब आइवरी कोस्ट बनाम नॉर्वे मैच के विजेता का इंतजार है, पराग्वे का मुकाबला फ्रांस या स्वीडन में से किसी एक से होगा, जबकि मोरक्को का सामना कनाडा से होगा। 48 टीमों और राउंड ऑफ 32 वाले 2026 विश्व कप के नए प्रारूप ने टूर्नामेंट में रोमांच का एक नया स्तर जोड़ दिया है: अब ट्रॉफी तक का रास्ता और लंबा हो गया है, और दिग्गजों के लिए जल्दी बाहर होने का खतरा भी बढ़ गया है। फॉक्स स्पोर्ट्स (FOX Sports) ने रेखांकित किया कि यह पहला विश्व कप है जहाँ नॉकआउट चरण की शुरुआत सीधे 32 टीमों के साथ हो रही है।
29 जून को इस विश्व कप की पहली बड़ी शामों में से एक कहा जा सकता है। इसने वह सब कुछ दिया जिसके लिए नॉकआउट मुकाबले जाने जाते हैं: खेल के अंत में गोल, दो पेनल्टी शूटआउट, दिग्गजों की हार और अगले दौर के लिए नई कहानियाँ। 2026 विश्व कप अभी अपनी रफ्तार पकड़ ही रहा है, लेकिन एक बात साफ है: अब किसी टीम का कद और उसका इतिहास उसे हार से नहीं बचा सकता।




