6 जुलाई को फीफा फुटबॉल विश्व कप 2026 के प्री-क्वार्टर फाइनल (1/8 दौर) का सिलसिला जारी रहा। यह दिन कुछ पसंदीदा टीमों के लिए निराशाजनक तो कुछ के लिए गौरवशाली साबित हुआ: जहाँ स्पेन ने पुर्तगाल पर मामूली अंतर से जीत दर्ज की, वहीं बेल्जियम ने अमेरिकी टीम को आसानी से मात दे दी। इन मुकाबलों के नतीजों के बाद अब क्वार्टर फाइनल की एक और जोड़ी तय हो गई है — स्पेन बनाम बेल्जियम।
दिन का सबसे बड़ा मुकाबला पुर्तगाल और स्पेन के बीच 'इबेरियन डर्बी' के रूप में खेला गया। इस मैच से शानदार फुटबॉल, आक्रामक खेल और दिग्गज सितारों के बीच रोमांचक मुकाबले की उम्मीद थी, लेकिन मैदान पर खेल काफी सतर्क और तनावपूर्ण रहा। चूँकि एक छोटी सी गलती भी भारी पड़ सकती थी, इसलिए दोनों टीमें लंबे समय तक रक्षात्मक रुख अपनाकर खेलती रहीं। स्पेन ने गेंद पर अपना नियंत्रण बनाए रखा और धैर्यपूर्वक मौके की तलाश की, जबकि पुर्तगाल अपने अनुभव और व्यक्तिगत कौशल को वास्तविक दबाव में बदलने में नाकाम रहा।
मिकेल मेरिनो द्वारा अंतिम समय में किया गया गोल निर्णायक साबित हुआ। स्पेन ने 1-0 की करीबी जीत के साथ पुर्तगाल को टूर्नामेंट से बाहर कर घर भेज दिया। क्रिस्टियानो रोनाल्डो के लिए यह मैच संभवतः उनके विश्व कप करियर का आखिरी मुकाबला था: 41 साल की उम्र में अपने पड़ोसियों से मिली इस हार ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल के सबसे बड़े खिताब से वंचित कर दिया। वहीं, स्पेन ने एक बड़ी टूर्नामेंट टीम होने का परिचय दिया — अपने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के बिना भी उन्होंने अगले दौर में पहुँचने का रास्ता निकाल लिया।
दिन का दूसरा मुकाबला सिएटल में आयोजित हुआ, जहाँ अमेरिकी टीम ने बेल्जियम की मेजबानी की। अमेरिकियों के लिए अपने घरेलू विश्व कप में आगे बढ़ने का यह एक सुनहरा मौका था, लेकिन जल्द ही यह मैच उनके लिए एक कठिन परीक्षा में बदल गया। बेल्जियम ने मेजबान टीम की रक्षात्मक गलतियों का फायदा उठाते हुए उन्हें 4-1 से करारी शिकस्त दी। इस जीत के मुख्य नायक चार्ल्स डी केटेलेयर रहे, जिन्होंने दो गोल दागे और एक गोल करने में मदद (असिस्ट) भी की।
मैच के दौरान अमेरिका को उम्मीद की एक किरण तब दिखी जब मलिक टिलमैन ने फ्री-किक के जरिए स्कोर बराबर कर दिया, लेकिन बेल्जियम ने तुरंत ही फिर से बढ़त बना ली। इसके बाद मैच पूरी तरह से मेजबान टीम के हाथ से निकलता चला गया। अंत में रोमेलु लुकाकू ने गोल कर जीत पर मुहर लगा दी, और अमेरिकी टीम का सफर प्रशंसकों की उम्मीदों से काफी पहले ही समाप्त हो गया। दर्शकों के जबरदस्त समर्थन के बावजूद घरेलू मैदान पर बाहर होना टीम के लिए विशेष रूप से कष्टदायक रहा।
इसके विपरीत, बेल्जियम ने टूर्नामेंट के अपने सबसे प्रभावशाली मैचों में से एक खेला। टीम ने बिना किसी हड़बड़ाहट के काफी तेज और सूझबूझ भरा खेल दिखाया। उन्होंने न केवल अगले दौर में प्रवेश किया, बल्कि अपनी बड़ी महत्वाकांक्षाओं का संकेत भी दे दिया। अमेरिका को रौंदने के बाद अब क्वार्टर फाइनल में बेल्जियम का सामना स्पेन से होगा, और यह मुकाबला अभी से टूर्नामेंट के सबसे रोमांचक मैचों में से एक लग रहा है।
6 जुलाई का निष्कर्ष यूरोपीय शक्तियों के दबदबे के रूप में निकला। स्पेन ने तनावपूर्ण अंतिम क्षणों को पार करते हुए पुर्तगाल को बाहर किया, तो वहीं बेल्जियम ने मेजबान देश को हराकर अमेरिका की विदाई कर दी। अब सबकी नजरें स्पेन बनाम बेल्जियम मुकाबले पर हैं, जहाँ अलग-अलग शैली लेकिन समान रूप से बड़ी महत्वाकांक्षा रखने वाली दो टीमें आमने-सामने होंगी।
फीफा विश्व कप 2026 ने एक बार फिर याद दिलाया कि नॉकआउट दौर में हमेशा वह टीम नहीं जीतती जो मैच से पहले अधिक मजबूत दिखती है। जीत उसी की होती है जो मौकों का सटीक फायदा उठाना जानती है। 6 जुलाई को स्पेन और बेल्जियम ने बिल्कुल यही किया और खिताब की ओर अपना कदम बढ़ा दिया।




