हांगकांग और मुख्य भूमि चीन के चीनी शोधकर्ताओं ने एक हल्का न्यूरोप्रोस्थेसिस प्रस्तुत किया है, जिसे बैटरी की आवश्यकता नहीं होती और जो स्ट्रोक से उबरे लोगों को अधिक स्वाभाविक रूप से चलने में मदद करता है।
यह उपकरण उपयोगकर्ता की अपनी गतिविधियों से ऊर्जा एकत्र करता है और उसे मांसपेशियों की विद्युत उत्तेजना में परिवर्तित करता है। इससे टखने को मोड़ना और चलने के अभ्यस्त पैटर्न को बहाल करना संभव होता है।
प्रोस्थेसिस स्वचालित रूप से काम करता है: इसे बाहरी संवेदकों या बैटरी से संचालन की आवश्यकता नहीं होती। यांत्रिक रूप से जुड़ी ऊर्जा-संग्रह और उत्तेजना-वितरण प्रणाली चलने के दौरान सक्रिय हो जाती है।
टीम के अनुसार, यह उपकरण स्ट्रोक से उबरे लोगों, वृद्धजनों और गतिशीलता संबंधी विकारों वाले अन्य लोगों में गिरने को रोक सकता है। शोधकर्ताओं ने प्रशिक्षण के दौरान खिलाड़ियों द्वारा इसके उपयोग की संभावना भी रेखांकित की।
परिणाम Nature Communications पत्रिका में 2 सितंबर 2026 में प्रकाशित हुए। परीक्षणों ने घर के भीतर ट्रेडमिल पर और बाहर दोनों जगह कदम की लंबाई और चलने की गति में तत्काल सुधार दिखाया।
उपकरण को ऊर्जा एकत्र करके काम शुरू करने के लिए कुछ कदम ही पर्याप्त हैं। भविष्य में यह दैनिक पुनर्वास को कैसे प्रभावित करेगा?
हांगकांग यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी (HKUST) और हांगकांग पॉलिटेक्निक यूनिवर्सिटी की टीम नई तकनीक की स्वायत्तता पर जोर देती है।


