3 जुलाई को फीफा विश्व कप 2026 में 1/16 दौर (राउंड ऑफ 32) के मुकाबले संपन्न हुए। यह दिन बिल्कुल वैसा ही रहा जैसा नॉकआउट दौर का रोमांच होना चाहिए: पेनल्टी शूटआउट, अतिरिक्त समय में पसंदीदा टीम की घबराहट भरी जीत और दौर के आखिरी मैच में कड़ा संघर्ष।
दिन की पहली भिड़ंत ऑस्ट्रेलिया और मिस्र के बीच हुई। मुख्य समय और एक्स्ट्रा टाइम के बाद मुकाबला 1:1 की बराबरी पर रहा, जिसके बाद अगले दौर का फैसला पेनल्टी शूटआउट से हुआ। मिस्र ने 4:2 के अंतर से बाजी मारी और लंबे समय के बाद विश्व पटल पर अपने प्रशंसकों को जश्न मनाने का मौका दिया। इस जीत के साथ मिस्र ने प्री-क्वार्टर फाइनल (1/8 दौर) में प्रवेश कर लिया है, जहाँ उनका सामना अर्जेंटीना से होगा।
3 जुलाई की सबसे बड़ी खबर अर्जेंटीना और केप वर्डे का रोमांचक मुकाबला रहा। मौजूदा विश्व चैंपियन ने अतिरिक्त समय में 3:2 से जीत तो दर्ज की, लेकिन यह खेल टूर्नामेंट के सबसे बड़े उलटफेर के बेहद करीब पहुँच गया था। विश्व कप में पहली बार खेल रही केप वर्डे की टीम फीफा 2026 की सबसे शानदार कहानियों में से एक साबित हुई; उन्होंने न केवल मुकाबला किया, बल्कि अर्जेंटीना को आखिरी पलों तक अपनी पूरी ताकत झोंकने पर मजबूर कर दिया।
लियोनेल मेसी ने गोल करके खाता खोला, लेकिन केप वर्डे ने डेरोय डुआर्टे के गोल की मदद से जोरदार वापसी की और मैच को अतिरिक्त समय में खींच लिया। इसके बाद लिसांद्रो मार्टिनेज ने अर्जेंटीना को फिर से आगे किया, लेकिन सिडनी लोपेज कैब्रल ने एक बेहतरीन प्रहार से स्कोर फिर बराबर कर दिया। अंत में 111वें मिनट में क्रिस्टियन रोमेरो के गोल ने पसंदीदा टीम को पेनल्टी शूटआउट के खतरे से बचाया और अर्जेंटीना को अगले दौर में पहुँचाया।
केप वर्डे के लिए यह हार काफी कष्टदायक थी, लेकिन उनकी टीम ने अपना सिर ऊँचा रखकर टूर्नामेंट से विदाई ली। उन्होंने वह जज्बा, साहस और गुणवत्ता दिखाई जिसकी बहुतों को उनसे उम्मीद नहीं थी। हारने के बाद भी केप वर्डे इस विश्व कप के प्रतीकों में से एक बन गया है—यह इस बात की मिसाल है कि कैसे एक छोटी सी टीम मौजूदा चैंपियन को घुटनों पर ला सकती है।
दिन का अंतिम मुकाबला कोलंबिया और घाना के बीच खेला गया। कोलंबिया ने 1:0 की जीत के साथ राउंड ऑफ 32 के अभियान का समापन किया। यह मैच काफी तनावपूर्ण और सतर्कता से भरा रहा क्योंकि एक चूक भी भारी पड़ सकती थी, इसलिए एक अकेला गोल ही निर्णायक साबित हुआ। इस जीत ने कोलंबिया को 1/8 दौर में पहुँचा दिया, जहाँ उनका मुकाबला स्विट्जरलैंड से होगा।
3 जुलाई का दिन नॉकआउट के हर तरह के रोमांच से भरपूर रहा। मिस्र ने पेनल्टी के जरिए अपनी जगह बनाई, अर्जेंटीना केप वर्डे के सामने लगभग लड़खड़ा ही गया था, जबकि कोलंबिया ने घाना के खिलाफ एक नपी-तुली जीत हासिल की। इन मुकाबलों के बाद अब प्री-क्वार्टर फाइनल की तस्वीर पूरी तरह साफ हो गई है: अर्जेंटीना की भिड़ंत मिस्र से होगी, जबकि स्विट्जरलैंड और कोलंबिया आमने-सामने होंगे।
इस दिन ने एक बार फिर याद दिलाया कि फीफा विश्व कप 2026 के नए प्रारूप में दिग्गज टीमें भी ढिलाई नहीं बरत सकतीं। नॉकआउट स्टेज पर बड़े नाम और पुराने खिताब कोई मायने नहीं रखते—यहाँ सब कुछ धैर्य, चरित्र और सही समय पर किए गए सटीक प्रहार से तय होता है।




