स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेस की पत्नी बेगोन्या गोमेस पर प्रभाव की खरीद-फरोख्त और सार्वजनिक धन के दुरुपयोग के आरोपों में अदालत में पेश होंगी। जांच न्यायाधीश हुआन कार्लोस पेनादो ने सोमवार को मामले को अदालत में भेजने का आदेश दिया।
यह फैसला जुलाई में मैड्रिड की प्रांतीय अदालत द्वारा मुकदमे को जारी रखने की अनुमति देने के बाद आया है। गोमेस के साथ उनकी सहायक क्रिस्टीना अल्वारेस भी अदालत के सामने पेश होंगी, जो ला-मोन्क्लोआ निवास में काम करती थीं।
आरोप गोमेस द्वारा अपने संपर्कों का इस्तेमाल करियर आगे बढ़ाने और मैड्रिड के कॉम्प्लुटेंस विश्वविद्यालय में एक कार्यक्रम के संयुक्त संचालन से जुड़े हैं। जांच के अनुसार, उन्होंने निजी हितों के लिए सरकारी संसाधनों और सरकारी कर्मचारियों का इस्तेमाल किया।
गोमेस सभी आरोपों से इनकार करती हैं। अभियोजन पक्ष का भी मानना है कि अपराध सिद्ध नहीं हुआ है, और वह बरी करने की मांग करता है। वहीं, निजी अभियोक्ता के रूप में पेश अल्ट्रा-कैथोलिक संगठन Hazte Oír गोमेस के लिए 13 साल की कैद की मांग करता है।
अब यह मामला उच्च अदालत में जाएगा, जो सुनवाई की तारीख तय करेगी। मुकदमे के शुरू होने की सटीक तारीख अभी तय नहीं है, लेकिन उम्मीद है कि यह अगले साल से पहले नहीं होगा।
सांचेस सरकार के लिए यह एकमात्र समस्या नहीं है: पिछले कुछ महीनों में उनके करीबी अन्य लोग भी जांच के दायरे में आए हैं। इन मुकदमों का देश की राजनीतिक स्थिति पर क्या असर पड़ेगा?
सांचेस ने पहले अपनी पत्नी का बचाव करते हुए जांच को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया था। ये अदालती कार्यवाहियाँ समाजवादियों के लिए पहले से ही कठिन इस साल में और तनाव बढ़ा रही हैं।
