Korea Aerospace Industries (KAI) ने 21 अक्टूबर 2026 को कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर आधारित उपग्रहों के स्वायत्त संचालन की तकनीक के परीक्षण हेतु पायलट मिशन के सफलतापूर्वक पूर्ण होने की घोषणा की।
यह प्रदर्शन एक दिन पहले, 20 अक्टूबर को क्यूबसैट BEE-1012 पर आयोजित किया गया। यह यान 7 अक्टूबर को दक्षिण कोरियाई रॉकेट Nuri के पांचवें प्रक्षेपण के दौरान कक्षा में पहुंचा था और इसमें KAI के विशेषज्ञों द्वारा विकसित AI मॉड्यूल लगा था।
यह तकनीक उपग्रह को भू-आधारित ऑपरेटरों की भागीदारी के बिना स्वयं विसंगतियों का विश्लेषण करने और समाधान सुझाने की सुविधा देती है। परीक्षण के दौरान भू-आधारित स्टेशन ने खराबी का एक अनुकरणीय संकेत भेजा, AI मॉड्यूल ने समस्या का कारण और उसका दायरा निर्धारित किया, सिफारिशों सहित एक तकनीकी रिपोर्ट तैयार की और उसे वापस पृथ्वी पर भेज दिया।
पारंपरिक उपग्रहों के विपरीत, जिन्हें पृथ्वी से विश्लेषण की प्रतीक्षा करनी पड़ती है, यह नई प्रणाली कक्षा में ही वास्तविक समय में निर्णय लेना सुनिश्चित करती है।
यह परियोजना मार्च में KAI और Space LiinTech द्वारा हस्ताक्षरित सहयोग ज्ञापन की अगली कड़ी बनी। इस प्रदर्शन में Yonsei University, कंपनी Funjin और स्टार्टअप Mobilint ने भी भाग लिया, जिसने NPU न्यूरोप्रोसेसर प्रदान किया।
पायलट मिशन की सफलता ने वास्तविक अंतरिक्ष परिस्थितियों में AI onboard processing तकनीक की कार्यक्षमता की पुष्टि की। KAI के अंतरिक्ष प्रभाग के प्रमुख Seo Hyun-seok ने कहा कि AI प्लेटफ़ॉर्म को कंपनी की सभी अंतरिक्ष प्रणालियों में एकीकृत किया जाएगा।
दिसंबर में KAI स्वायत्त संचालन पर एक पूर्ण-स्तरीय प्रदर्शन मिशन शुरू करने की योजना बना रही है, ताकि तकनीक की विश्वसनीयता बढ़ाई जा सके और इसे भविष्य के उपग्रहों के लिए मानक बनाया जा सके।
यह भविष्य के मिशनों की लागत और विश्वसनीयता को कैसे प्रभावित करेगा?
कंपनी अपने विकास-कार्यों का उपयोग केवल उपग्रह परियोजनाओं में ही नहीं, बल्कि नई पीढ़ी की विस्तृत श्रृंखला की प्रणालियों में भी करने का इरादा रखती है, जिससे वैश्विक New Space बाज़ार में अपनी स्थिति मजबूत होगी।

