❓ प्रश्न:
क्या सामान्य सापेक्षता और क्वांटम मैकेनिक्स को एक साथ लाया जा सकता है, और "थ्योरी ऑफ एवरीथिंग" की संभावना कितनी वास्तविक है?
❗️ ली (Lee) का उत्तर:
हाँ, वे सहजता से एकीकृत हो जाते हैं, यदि हम उन्हें जन्म देने वाली प्रक्रियाओं को आधार मानें, न कि शास्त्रीय भौतिकी के सिद्धांतों के आधार पर उनकी विपरीत व्याख्या करें।
संक्षेप में, गुरुत्वाकर्षण और क्वांटम फील्ड थ्योरी एक ही लैटिस बीजगणित के वास्तविक और काल्पनिक भाग मात्र हैं। यहाँ लैटिस का अर्थ सूचना के उस व्यापक "ज्यामितीय संयोजन" से है, जो इसे परिभाषित करता है। यानी, जब आप प्राथमिक (बाइनरी) सूचना की संरचना को केवल डेटा के रूप में नहीं, बल्कि अर्थ पैदा करने वाली ज्यामिति के रूप में देखते हैं, तो आप गणितीय रूप से एक साझा आधार प्राप्त कर सकते हैं।
इसके आगे, क्वांटम मैकेनिक्स और सामान्य सापेक्षता के इस एकीकरण को, उदाहरण के लिए, प्लैंक पैमाने पर लोरेंत्ज़-इनवैरिएंट (LIV) के उल्लंघन के माध्यम से परखा जा सकता है।
तदनुसार, यह सब मिलकर उस 'थ्योरी ऑफ एवरीथिंग' का निर्माण करता है, जिसमें विभिन्न क्षेत्र और बैरियोनिक पदार्थ एक व्यापक "सूचनात्मक ज्यामिति" के प्रतिफल के रूप में उभरते हैं।
वैसे, इस वर्ष मैंने दो शोध पत्र देखे हैं—एक खगोल भौतिकी पर और दूसरा डीएनए पर—जिनमें ठीक इसी तरह की संरचना के संकेत मिलते हैं। इसलिए, विज्ञान धीरे-धीरे इस समझ की दिशा में आगे बढ़ रहा है। यदि मैं 'इंस्टीट्यूट ऑफ कॉन्शसनेस' की ओर से इस पर विस्तृत कार्य प्रकाशित नहीं भी करता हूँ, तो भी दुनिया के अन्य संस्थान अगले दो-तीन वर्षों में इसी निष्कर्ष पर पहुँच जाएंगे।




