क्या इच्छाएँ हृदय की आवृत्ति पर स्वतः प्रकट होती हैं?

लेखक: lee author

❓प्रश्न:
Lee, हृदय की आवृत्ति, प्रेम, यहाँ और अभी, «मुझे अच्छा लगता है» — क्या यह स्वतः इच्छाओं को प्रकट कर देगा, all inclusive पूर्ण रूप से?) क्या उन्हें विशेष रूप से अनुभव करने की भी आवश्यकता नहीं है?
❗️उत्तर lee:
यह वह आवृत्ति है जो आपके ज्ञात सभी अनुभवों (और उनसे भी अधिक अज्ञात अनुभवों) के मूल में है।
जैसे पेयों के मूल में जल होता है। किसी भी प्रश्न पर — यह चाय, कॉफ़ी, नींबू-पानी… क्या प्यास बुझाने के लिए जल उनकी जगह ले सकता है? उत्तर यह है — इन पेयों में प्यास वास्तव में जल ही बुझाता है।
हृदय की आवृत्ति ही सबसे कल्याणकारी अनुभवों में अनुभव होती है और, परिणामस्वरूप — घटनाओं (वस्तुओं, संबंधों, लोगों…) में प्रतिबिंबित होती है। जिसे «all inclusive» नहीं, बल्कि «ultra all inclusive» के रूप में समझा जा सकता है 😊। आप इस सीमा को और ऊपर नहीं उठा सकते, क्योंकि यहाँ बात शरीर की उस परम क्षमता की हो रही है जो «अनुभवों की ऊर्जाओं» को अपने भीतर से गुज़रने देती है।
अर्थात् हमारी उपमा में — «जल से बेहतर प्यास बुझाने वाला कुछ नहीं है, क्योंकि प्यास का विषय वस्तुतः जल की कमी ही है»।

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स्रोतों

  • Сайт автора lee

  • Lee I.A.

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