क्या कभी आपके साथ ऐसा हुआ है कि आप किसी कमरे में गए हों और पूरी तरह से भूल गए हों कि आप वहां क्यों गए थे? यह एक सामान्य अनुभव है जिसे 'डोरवे इफेक्ट' के नाम से जाना जाता है। इंडियाना में नोट्रे डेम विश्वविद्यालय के मनोवैज्ञानिक लगभग 20 वर्षों से इस घटना का अध्ययन कर रहे हैं। वर्चुअल रियलिटी का उपयोग करते हुए उनके शोध से पता चलता है कि दरवाजे से गुजरने से पिछले कमरे की वस्तुओं और इरादों की हमारी स्मृति कम हो जाती है। इसका स्पष्टीकरण इस बात में निहित है कि हमारा मस्तिष्क यादों को एपिसोड में कैसे व्यवस्थित करता है। दरवाजे से गुजरने से एक नई 'घटना सीमा' बन जाती है, जिससे पिछले एपिसोड में संग्रहीत जानकारी को याद करना मुश्किल हो जाता है। प्रोफेसर गेब्रियल राडवांस्की बताते हैं कि दरवाजे घटना सीमाओं के रूप में कार्य करते हैं, हमारी गतिविधियों को अलग करते हैं और विभिन्न कमरों में लिए गए निर्णयों को याद करना मुश्किल बनाते हैं। तो, वह क्षणिक खालीपन केवल आपका मस्तिष्क पिछली 'एपिसोड' को संग्रहीत कर रहा है।
नोट्रे डेम अध्ययन: दरवाजे स्मृति लोप को ट्रिगर करते हैं
Edited by: Elena HealthEnergy
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