'संवेदनशील' तकनीक का युग: LG ने उपयोगकर्ता की जीवनशैली को समझने पर लगाया दांव

लेखक: Svitlana Velhush

'संवेदनशील' तकनीक का युग: LG ने उपयोगकर्ता की जीवनशैली को समझने पर लगाया दांव-1

दिग्गज टेक्नोलॉजी कंपनी LG ने आधिकारिक तौर पर 'स्मार्ट होम' की अवधारणा को छोड़कर अब 'केयरिंग होम' (परवाह करने वाले घर) की दिशा में कदम बढ़ा दिए हैं। CES 2026 में कंपनी ने अपनी 'अफेक्शनेट इंटेलिजेंस' (Affectionate Intelligence - संवेदनशील और देखभाल करने वाली बुद्धिमत्ता) रणनीति पेश की। यह किसी केतली या फ्रिज को 'आत्मा' देने की कोशिश नहीं है, बल्कि घरेलू उपकरणों के इंसानों के साथ संवाद करने के तरीके में एक बड़ा बदलाव है।

'संवेदनशील' तकनीक का युग: LG ने उपयोगकर्ता की जीवनशैली को समझने पर लगाया दांव-1

तो इसमें बुनियादी अंतर क्या है? इलेक्ट्रॉनिक्स में पारंपरिक AI का मतलब केवल आदेशों का पालन करने वाले एल्गोरिदम से होता है। आप निर्देश देते हैं और उपकरण उसे पूरा करता है। 'अफेक्शनेट इंटेलिजेंस' का दर्शन इस दिशा को बदल देता है: अब उपकरणों को आदेश का इंतज़ार करने के बजाय, मालिक की आदतों, परिवेश और उसकी शारीरिक स्थिति के अनुसार खुद को ढालना होगा।

'केयरिंग इंटेलिजेंस' के तीन मुख्य आधार:

  • कॉन्टेक्स्ट सेंसिंग (Context Sensing): ये उपकरण अपने आस-पास के माहौल और लोगों के व्यवहार का विश्लेषण करते हैं। यदि आप थके हुए घर लौटते हैं, तो लाइटिंग और क्लाइमेट कंट्रोल सिस्टम आपके हस्तक्षेप के बिना ही सेटिंग्स बदल देंगे, ताकि आपको आरामदेह माहौल मिल सके।
  • 'जीरो लेबर' (Zero Labor) इकोसिस्टम: इसमें सभी उपकरण एक नेटवर्क से जुड़े होते हैं। LG CLOiD जैसे रोबोटिक एजेंट वॉशिंग मशीन, किचन पैनल और एयर प्यूरीफायर के बीच तालमेल बिठाते हैं, ताकि रोजमर्रा के कामों में इंसान को कम से कम मेहनत करनी पड़े।
  • पर्सनलाइजेशन (Personalization): इसके एल्गोरिदम परिवार की जीवनशैली को गहराई से समझते हैं और घर के हर सदस्य की पसंद का ध्यान रखते हैं - चाहे वह शॉवर के पानी का तापमान हो या बच्चों के कमरे की लाइटिंग।

यह विकास गैजेट्स को एक तरह के डिजिटल असिस्टेंट में बदल रहा है, जिनका मुख्य उद्देश्य लोगों को आपसी बातचीत और आराम के लिए अधिक समय देना है।

यहाँ यह समझना ज़रूरी है कि इस संदर्भ में 'अफेक्शनेट' होने का मतलब उपयोगकर्ता की आदतों से जुड़े डेटा को रोजमर्रा के माहौल में गहराई से शामिल करना है। हम 'प्रोग्राम किए जाने वाले सामानों' के युग से निकलकर 'अनुकूलनशील वातावरण' (adaptive environments) के युग में प्रवेश कर रहे हैं।

क्या ऐसे उपकरण आपकी मदद करेंगे जो आदेशों का इंतज़ार करने के बजाय आपकी इच्छाओं को पहले ही समझ लेते हैं, या फिर हम अपने घर के सुकून पर से नियंत्रण खोने का जोखिम उठा रहे हैं? इस सवाल का जवाब तब स्पष्ट होगा जब 'केयरिंग इंटेलिजेंस' तकनीकें हमारे जीवन का सामान्य हिस्सा बन जाएंगी।

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