25 जून 2026 को फीफा विश्व कप के मैदान पर ग्रुप डी, ई और एफ की टीमों के बीच जबरदस्त भिड़ंत देखने को मिली। यह दिन फुटबॉल के इतिहास में अपनी नाटकीयता और अप्रत्याशित परिणामों के लिए दर्ज हो गया है। कुल छह मैचों के आयोजन के साथ, इस दिन ने न केवल प्रशंसकों का मनोरंजन किया, बल्कि नॉकआउट चरण के लिए कई महत्वपूर्ण समीकरण भी तैयार किए। मैदान पर हुई दो बड़ी उलटफेरों ने यह साबित कर दिया कि फुटबॉल में किसी भी टीम को कम आंकना भारी पड़ सकता है और खेल के अंतिम क्षणों तक कुछ भी संभव है।
ग्रुप ई की बात करें तो यहाँ दिन की सबसे बड़ी सनसनीखेज खबर सामने आई। इक्वाडोर ने फुटबॉल की महाशक्ति मानी जाने वाली जर्मनी को 2-1 के अंतर से हराकर सबको स्तब्ध कर दिया। हालांकि जर्मनी ने मैच की शुरुआत में ही बढ़त बना ली थी और खेल पर नियंत्रण बनाए रखा था, लेकिन इक्वाडोर के खिलाड़ियों ने हार नहीं मानी और शानदार जवाबी हमला करते हुए मैच का पासा पलट दिया। इस ऐतिहासिक जीत के साथ इक्वाडोर ने अगले दौर में अपना स्थान सुनिश्चित कर लिया। जर्मनी के लिए यह हार एक बड़े झटके के समान थी, क्योंकि भले ही वे पहले ही प्ले-ऑफ में पहुंच चुके थे, लेकिन इस हार ने उनके ग्रुप चरण के अभियान की चमक को थोड़ा फीका कर दिया है।
इसी ग्रुप के एक अन्य महत्वपूर्ण मुकाबले में कोटे डी आइवर ने कुराकाओ के खिलाफ 2-0 से जीत हासिल की। इस जीत ने कोटे डी आइवर की अगले दौर में जाने की उम्मीदों को नया जीवन दिया है और उनकी स्थिति को काफी मजबूत कर दिया है। टीम ने मैदान पर बेहतरीन अनुशासन दिखाया और महत्वपूर्ण तीन अंक हासिल किए। इस परिणाम के बाद ग्रुप ई की अंक तालिका काफी प्रतिस्पर्धी हो गई है, जिससे आने वाले मैचों का रोमांच और बढ़ गया है। कुराकाओ के लिए यह मुकाबला कठिन रहा, लेकिन कोटे डी आइवर ने अपनी रणनीति का बखूबी इस्तेमाल किया।
ग्रुप एफ में नीदरलैंड की टीम ने अपनी श्रेष्ठता सिद्ध करते हुए ट्यूनीशिया को 3-1 से पराजित किया। इस प्रभावशाली जीत के साथ नीदरलैंड ने ग्रुप में पहला स्थान हासिल कर लिया है, जो उन्हें नॉकआउट दौर में मनोवैज्ञानिक बढ़त देगा। वहीं, जापान और स्वीडन के बीच खेला गया मुकाबला 1-1 की बराबरी पर छूटा। यह ड्रॉ दोनों टीमों के लिए सुखद रहा; जापान ने दूसरे स्थान के साथ अगले दौर में प्रवेश किया, जबकि स्वीडन ने तीसरे स्थान की सर्वश्रेष्ठ टीमों में शामिल होकर अपनी जगह पक्की की। दोनों टीमों ने रक्षात्मक और आक्रामक खेल का अच्छा संतुलन दिखाया।
ग्रुप डी में तुर्की और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच एक बेहद रोमांचक मुकाबला हुआ, जिसमें तुर्की ने 3-2 से जीत दर्ज की। यह दिन का एक और बड़ा उलटफेर साबित हुआ। अमेरिकी टीम ने मैच की शुरुआत बहुत तेजी से की थी और वे पहले ही ग्रुप में शीर्ष स्थान हासिल कर चुके थे, लेकिन तुर्की ने अंतिम समय तक संघर्ष किया और अमेरिका के ग्रुप चरण के आदर्श अंत के सपने को तोड़ दिया। इसी ग्रुप के एक अन्य मैच में पराग्वे और ऑस्ट्रेलिया ने 0-0 का ड्रा खेला। हालांकि यह मैच गोल के लिहाज से फीका रहा, लेकिन टूर्नामेंट के गणित को देखते हुए ऑस्ट्रेलिया के लिए यह एक महत्वपूर्ण अंक था, जिसने उन्हें प्ले-ऑफ की दौड़ में मजबूती से बनाए रखा।
कुल मिलाकर, 25 जून का यह दिन फीफा विश्व कप 2026 के सबसे यादगार दिनों में से एक रहा। इक्वाडोर और तुर्की जैसे देशों ने बड़े उलटफेर कर टूर्नामेंट के पसंदीदा दावेदारों को कड़ी चुनौती दी, जबकि नीदरलैंड ने अपनी लय बरकरार रखी। जापान और स्वीडन ने रणनीतिक खेल दिखाते हुए आवश्यक परिणाम प्राप्त किए और अपनी यात्रा जारी रखी। फीफा के आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार, इन सभी छह मैचों ने विश्व कप की रोमांचक यात्रा में एक नया अध्याय जोड़ दिया है। अब सभी की निगाहें नॉकआउट चरण पर टिकी हैं, जहाँ प्रतिस्पर्धा और भी कड़ी होने की उम्मीद है।




