❓ प्रश्न:
यदि मैं 'स्रोत' (Source) के साथ बहुत गहरा जुड़ाव महसूस करता हूँ, तो क्या मैं इस जन्म में रहते हुए अपने सभी अवतारों को एक साथ अनुभव कर पाऊँगा, या मेरा भौतिक शरीर बस इसे सहन नहीं कर पाएगा?
❗️ lee का उत्तर:
आप स्वयं ही 'स्रोत' हैं। जब आप केवल जुड़ाव नहीं, बल्कि स्वयं का अनुभव करेंगे, तब आपको उस हर विषय का ज्ञान प्राप्त होगा जिसे आपका भौतिक मस्तिष्क संभालने में सक्षम है। जिसे आप स्वीकार नहीं कर पाएंगे, उसे लगभग तुरंत ही भुला दिया जाएगा, ठीक वैसे ही जैसे विस्तृत सपनों के साथ होता है – बस "कितना अद्भुत और सुखद है" का एक सामान्य अहसास ही बाकी रह जाएगा।
आप अन्य अवतारों को ठीक वैसे ही महसूस कर पाएंगे जैसे आप अभी उन सभी फिल्मों को महसूस कर सकते हैं जो आपने अपने पूरे जीवन में देखी हैं - एक तरह की त्वरित झलक जिसमें यह सामान्य समझ होती है कि "मैंने इसे देखा है"। और किसी एक जीवन का विस्तार किसी विशेष फिल्म की याद में खो जाने (या उसे देखने) जैसा है।
आपके मस्तिष्क की तैयारी के आधार पर, उन्हें देखने के तरीकों में अलग-अलग प्रभाव हो सकते हैं। लेकिन यह समझें कि आप जानकारी को कैसे संसाधित करते हैं, यह आपके वर्तमान व्यक्तित्व की विशिष्टता है। 'स्रोत' (परम आत्मा के माध्यम से) अतिरिक्त डेटा लोड करके आपके व्यक्तित्व को नुकसान नहीं पहुँचाएगा।




