किसी करीबी या प्यारे पालतू जानवर को खोने पर होने वाले अपराधबोध और दुख की भावनाओं से खुद को कैसे बाहर निकालें।
❓ सवाल:
जब करीबी लोगों या प्यारे पालतू जानवरों की मृत्यु हो जाती है, तो उस शोक और दुख की स्थिति से कैसे निपटें और उससे जल्दी बाहर कैसे निकलें? ऐसा लगता है कि कुछ पलों के लिए हम ऊंचे कंपन (वाइब्रेशन) की स्थिति में पहुँचते हैं, लेकिन फिर विचार और मन लगभग तुरंत ही हमें उसी दुख और अपराधबोध की स्थिति में वापस ले आते हैं...
❗️ lee का जवाब:
जल्दी उबरने का मतलब यह याद रखना है कि शोक की भावना वास्तव में एक 'असत्य' है। आप केवल एक ही कारण से शोक महसूस करते हैं – क्योंकि आप खुद से झूठ बोल रहे हैं।
सबसे पहले इसी बात को समझना जरूरी है। बाकी सब कुछ केवल इस बात का विस्तार है कि 'आखिर ऐसा क्यों है'।

आपका उच्च स्व (Higher Self) और आपके प्रियजन (या पालतू जानवर) हमेशा साथ हैं। केवल आपका मन (अहंकार) ही उस काल्पनिक अलगाव के बारे में झूठ बोलता है। यह स्थिति वास्तव में आपको एक नकारात्मक धारणा के झूठ को स्पष्ट रूप से पहचानने में मदद करती है।

अब यह आप पर निर्भर है कि आप जाने वालों की सेवा को स्वीकार करते हैं या उनके द्वारा दिए गए इस उपहार का विरोध करते हैं।





