अंतरराष्ट्रीय संगठनों के जलवायु वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको में होने वाले 2026 फीफा वर्ल्ड कप के आयोजन पर भीषण गर्मी का गहरा असर पड़ सकता है।
मौसम संबंधी आंकड़ों का विश्लेषण यह दर्शाता है कि मेजबान क्षेत्रों में गर्मी के औसत तापमान में वृद्धि हो रही है, जिससे खिलाड़ियों और दर्शकों को हीट स्ट्रोक होने की संभावना बढ़ गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि एथलीटों की सहनशक्ति पर असर डालने वाले जलवायु परिवर्तनों को नजरअंदाज कर टीमों की पारंपरिक तैयारी रणनीतियां पर्याप्त साबित नहीं होंगी।
आर्थिक परिणामों के तौर पर स्टेडियमों को ठंडा रखने और चिकित्सा सेवाओं पर अतिरिक्त खर्च करना होगा, जिससे आयोजकों के बीच संसाधनों के वितरण की योजना बदल सकती है।
अत्यधिक गर्मी में आयोजित पिछले टूर्नामेंटों के उदाहरण जोखिमों को न्यूनतम करने के लिए खेल के नियमों और समय-सारणी में बदलाव की आवश्यकता पर बल देते हैं।
जलवायु वैज्ञानिकों की यह पहल दीर्घकालिक भविष्यवाणियों पर आधारित है, जो फीफा और स्थानीय प्रशासन को आज ही ठोस एहतियाती कदम उठाने के लिए प्रोत्साहित कर रही है।




