ताइचुंग में एक वृद्ध दंपती दशकों से पारिवारिक लॉन्ड्री Wansho Laundry चला रहा है। इस दौरान सैकड़ों कपड़े जमा हो गए, जिन्हें ग्राहक कभी वापस लेने नहीं आए।
83 वर्ष के चांग वान-जी और 84 वर्ष की श्यू शो-एर ने कपड़ों को फेंका नहीं। उनके 31 वर्षीय पोते रिफ चांग ने इस अलमारी का इस्तेमाल अलग तरह से करने का फैसला किया।
जून में उसने Instagram पर @wantshowasyoung अकाउंट बनाया। मकसद सीधा-सा था: महामारी के दौरान दादा-दादी की ऊब दूर करना, जब लॉन्ड्री का काम बिगड़ने लगा था।
«मेरे दादा-दादी बस खिड़की से सड़क की ओर देखते रहते थे, क्योंकि काम नहीं चल रहा था,» रिफ ने AFP को बताया। «मैं उनके लिए कुछ नया और सुखद ढूंढना चाहता था»।
दंपती ग्राहकों द्वारा छोड़े गए विंटेज और चटकीले कपड़ों में पोज़ देना शुरू कर दिया। तस्वीरें तेज़ी से इंटरनेट पर फैल गईं।
अकाउंट ने कुछ ही हफ्तों में लगभग 600 हज़ार फॉलोअर बटोर लिए। Vogue और Marie Claire के ताइवानी संस्करणों ने उनकी तस्वीरें छापीं।
«इन कपड़ों को पहनकर मुझे लगता है कि मैं 30 साल छोटा हो गया हूं,» चांग वान-जी ने The Hindu से कबूल किया।
कई लोग उन्हें लिखते हैं: «अब आप मशहूर हो गए हैं और कम उम्र के दिखते हैं»। श्यू शो-एर ने आगे कहा: «उम्र में मैं बूढ़ी हूं, पर दिल बूढ़ा नहीं होता। मुझे सुंदर कपड़े पहनकर मौज-मस्ती करने बाहर निकलना पसंद है»।
आखिर क्यों दुनिया भर के लोग इन सादी तस्वीरों पर इतनी गर्मजोशी से प्रतिक्रिया दे रहे हैं?


