सभी जीवन यहीं मौजूद हैं।
❓ प्रश्न:
«सभी जीवन यहीं मौजूद हैं» - इस बात को समय के अस्तित्व न होने की समझ से स्पष्ट किया जा सकता है। लेकिन अगर इसे आत्मसात करना कठिन हो, तो क्या कोई उदाहरण देना संभव नहीं है?
❗️ lee का उत्तर:
इसका सबसे सरल उदाहरण एक डिस्क पर मौजूद कंप्यूटर गेम है। आप उसमें चाहे जितना भी खेलें या कितनी भी चालें चलें—यह सब एक ही डिस्क के भीतर 'यहाँ और अभी' के रूप में मौजूद रहता है। खेल के तत्वों का कोई भी संयोजन महज़ वेरिएबल्स का एक समूह है, जो कभी भी उस गेम डिस्क को नहीं छोड़ता।
इसके साथ ही, यदि आप गेम डेवलपर के स्तर पर हैं, तो आप खेल के किसी भी हिस्से, किसी भी स्तर, किसी भी चरण और पात्रों के किसी भी तालमेल में प्रवेश कर सकते हैं।
यदि आप केवल खिलाड़ी हैं और स्क्रीन पर चल रही वर्तमान स्थिति के अलावा कुछ नहीं देख पा रहे, तो एक भ्रम पैदा होता है कि पात्र समय के साथ विकसित हो रहे हैं और कहीं बाहर से आ रहे हैं या कहीं जा रहे हैं। स्क्रीन पर दिखने वाले स्थान और समय ऐसे प्रतीत होते हैं जैसे वे खेल की सीमाओं के परे कहीं बन रहे या मिट रहे हों। मगर वास्तव में सब कुछ केवल एक ही जगह यानी डिस्क पर हो रहा है। घटनाओं का समय (दिन-रात, सूर्योदय-सूर्यास्त, दीवार पर टंगी घड़ी...) भी उसी डिस्क पर उकेरा गया एक चित्रण है, जो ठीक इसी पल आपके पास मौजूद है।
जीवन से जुड़ा उदाहरण भविष्यवक्ताओं की भविष्यवाणियाँ हैं। इन्हें केवल «एक ही खेल के भीतर» रहते हुए ही किया जा सकता है—भविष्यवाणी करने के लिए भविष्य का पहले से यहाँ होना अनिवार्य है। यदि भविष्य 'अभी' (वर्तमान) में पहले से मौजूद न होता, तो कोई भी भविष्यवक्ता एक मिनट आगे की भी कोई बात नहीं बता पाता।




