यूरोप में 2026 की गर्मियां बेहद तपिश भरी रहीं और स्विट्जरलैंड भी इस भीषण गर्मी से अछूता नहीं रहा। बासेल में आयोजित वार्षिक Eidgenössisches Jodlerfest (योड्लिंग उत्सव) के दौरान, प्रतिभागियों ने चिलचिलाती धूप से बचने का एक रचनात्मक तरीका खोज निकाला—वे सीधे शहर के फव्वारों में खड़े होकर अभ्यास और प्रदर्शन करने लगे!
क्या हुआ था
- शुक्रवार से रविवार तक, पारंपरिक स्विस संगीत (योड्लिंग और एल्पाइन हॉर्न) के इस उत्सव में 12,000 से अधिक कलाकार और लगभग 200,000 दर्शक उमड़े।
- जब पारा तेजी से चढ़ा, तो योड्लर्स और कलाकारों ने गर्मी में बेहाल होने के बजाय शहर के ठंडे फव्वारों में उतरने का फैसला किया।
- वे कमर तक पानी में डूबकर गाते और बजाते रहे, और देखते ही देखते वहाँ स्वतःस्फूर्त संगीत कार्यक्रम शुरू हो गए। शहर की गलियों में गूँजती मधुर आवाजों ने रेस्टोरेंट्स और चौराहों पर मौजूद लोगों को अचानक ही एक अनोखे शो का दर्शक बना दिया।
जरा सोचिए: आप एक कैफे में शांति से कॉफी पी रहे हैं, और तभी पास के फव्वारे से एल्पाइन हॉर्न के संगीत के साथ "यो-डल-आई-ई-हूउउ!" की जोरदार आवाज गूँजती है। कई लोग इस जश्न में शामिल हुए, तालियां बजाईं और कलाकारों का उत्साह बढ़ाया। वहां का पूरा माहौल अविश्वसनीय रूप से खुशनुमा और एकजुट करने वाला हो गया था।
यह इतना प्यारा और स्विस शैली का क्यों है
योड्लिंग केवल गायन की एक कला नहीं है, बल्कि यह आल्प्स की एक सच्ची सांस्कृतिक परंपरा है। भीषण गर्मी के बीच इन संगीतकारों ने अपनी स्विस जीवंतता और हास्यबोध का परिचय दिया: अभ्यास सत्र रद्द करने के बजाय उन्होंने समस्या को एक यादगार नजारे में बदल दिया। यह उत्सव सफलतापूर्वक संपन्न हुआ, और 'फव्वारों में योड्लर्स' की कहानियां सोशल मीडिया और समाचारों में इस गर्मी के सबसे सकारात्मक पलों में से एक बनकर छा गईं।



