स्टारशिप V3: अप्रैल की लॉन्चिंग से पहले एलन मस्क के मेगा-रॉकेट के "विशालकाय" संस्करण में क्या छिपा है?
मुख्य बिंदु:
- V3 का डेब्यू: अप्रैल 2026 के मध्य में होने वाली 12वीं परीक्षण उड़ान (फ्लाइट 12), स्टारशिप के पूरी तरह से अपडेटेड सिस्टम की पहली लॉन्चिंग होगी।
- अगली पीढ़ी के इंजन: रैप्टर 3 प्रत्येक 300 टन तक का थ्रस्ट पैदा करते हैं, जिससे पूरा सिस्टम कुल 10,000 टन के रिकॉर्ड थ्रस्ट तक पहुँच सकता है।
- लक्ष्य — चंद्रमा और मंगल: नया डिज़ाइन ऑर्बिटल रिफ्यूलिंग और 200 टन तक पेलोड ले जाने के लिए अनुकूलित किया गया है।
स्टारबेस का नया युग: लॉन्च के लिए तैयार फ्लाइट 12
अप्रैल 2026 के मध्य में टेक्सास के बोका चीका स्थित नए लॉन्च पैड 2 से स्टारशिप फ्लाइट 12 के लॉन्च होने की उम्मीद है। यह महज़ एक और परीक्षण नहीं है, बल्कि वर्जन 3 (V3) का पहला पूर्ण पैमाने पर परीक्षण है। रॉकेट का यह नया संस्करण अपने पूर्ववर्तियों की तुलना में अधिक ऊंचा (पूरी तरह असेंबल होने पर लगभग 125–130 मीटर) है और इसके डिज़ाइन में महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं, जिनका उद्देश्य बड़े पैमाने पर उत्पादन और पूर्ण पुन: प्रयोज्यता हासिल करना है।
रैप्टर 3 (Raptor 3) इंजन इस रॉकेट की सबसे बड़ी तकनीकी उपलब्धि हैं। पिछले इंजनों के विपरीत, इनमें एकीकृत कूलिंग सिस्टम है और इंजन बे में भारी हीट शील्ड की आवश्यकता नहीं होती है। इससे अंतरिक्ष यान का वजन कम हो गया है और उड़ानों के बीच के रखरखाव को भी सरल बना दिया गया है। जैसा कि एलन मस्क ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा:
«रैप्टर 3 अब तक बनाया गया सबसे बेहतरीन रॉकेट इंजन है। यह जबरदस्त थ्रस्ट और सरल डिज़ाइन का मेल है, जो मंगल ग्रह के औपनिवेशीकरण को आर्थिक रूप से संभव बनाता है।»
स्टारशिप V3 की तकनीकी विशेषताएं
V3 संस्करण में बदलाव ने स्पेसएक्स को अपनी पेलोड क्षमता को लगभग तीन गुना करने में सक्षम बनाया है। जहाँ V2 संस्करण लगभग 35-50 टन पेलोड ले जाने के लिए बनाया गया था, वहीं V3 का लक्ष्य पूर्णतः पुन: प्रयोज्य मोड में 100–200 टन वजन ले जाना है।
ऑर्बिटल रिफ्यूलिंग — सबसे बड़ी चुनौती
फ्लाइट 12 नासा के आर्टेमिस मून मिशन की तैयारी के लिए एक महत्वपूर्ण कदम होगा। इसमें मुख्य ध्यान न केवल यान को कक्षा में पहुँचाने पर होगा, बल्कि अंतरिक्ष में ईंधन ट्रांसफर के परीक्षणों की तैयारी पर भी केंद्रित रहेगा। इस तकनीक के बिना, स्टारशिप चंद्रमा या मंगल ग्रह पर भारी सामान नहीं पहुँचा पाएगा। अप्रैल के लॉन्च की सफलता हाई-फ्रीक्वेंसी लॉन्चिंग के लिए V3 उपकरणों की तत्परता की पुष्टि करेगी — स्पेसएक्स की योजना 2026 के अंत तक लगभग हर हफ्ते उड़ानें संचालित करने की है।


