9 जुलाई को फीफा विश्व कप 2026 का पहला क्वार्टर फाइनल मुकाबला खेला गया। फ्रांस की टीम ने मोरक्को पर **2:0** की शानदार जीत दर्ज की और विश्व कप के सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की करने वाली पहली टीम बनी। (ओलिंपिक खेल)
मैच के शुरुआती पलों से ही फ्रांसीसी टीम ने मैच पर नियंत्रण बना लिया और यासीन बोनो के गोल की तरफ कई खतरनाक हमले किए। मोरक्को की रक्षापंक्ति ने काफी अनुशासित खेल दिखाया और लंबे समय तक प्रतिद्वंद्वी के दबाव को सफलतापूर्वक झेला। पहले हाफ में तो बोनो ने एक पेनल्टी का बचाव करते हुए किलियन एमबाप्पे को खाता खोलने का मौका नहीं दिया।
हालांकि, दूसरे हाफ में फ्रांस के स्टार खिलाड़ी ने आखिरकार अपनी छाप छोड़ी। 60वें मिनट में किलियन एमबाप्पे ने एक बेहतरीन व्यक्तिगत प्रयास से मोरक्को के डिफेंस को भेदते हुए गोल दागा और अपनी टीम को बढ़त दिला दी। इसके छह मिनट बाद उन्होंने उस्मान डेम्बेले के लिए एक सटीक पास दिया, जिन्होंने गोल करके स्कोर **2:0** कर दिया और टीम की जीत पक्की कर दी।
टूर्नामेंट में अफ्रीका के अंतिम प्रतिनिधि के रूप में खेल रही मोरक्को की टीम ने अंत तक हार नहीं मानी, लेकिन वे माइक मेगनन की चौकसी को पार नहीं कर सके। फ्रांस की रक्षापंक्ति ने विपक्षी टीम को गोल करने का कोई वास्तविक अवसर नहीं दिया, जबकि डिडिएर डेसचैम्प्स की टीम ने एक बार फिर काफी परिपक्व और संतुलित फुटबॉल का प्रदर्शन किया।
किलियन एमबाप्पे के लिए यह मुकाबला उनकी शानदार फॉर्म का एक और प्रमाण रहा। इस गोल और असिस्ट के दम पर 'लेस ब्लूज़' के कप्तान ने विश्व कप में सर्वाधिक गोल करने वाले खिलाड़ियों की दौड़ में अपनी बढ़त और मजबूत कर ली है।
अब फ्रांस को सेमीफाइनल में अपने प्रतिद्वंद्वी का इंतजार है। उनका मुकाबला **स्पेन और बेल्जियम** के बीच 10 जुलाई को होने वाले क्वार्टर फाइनल के विजेता से होगा। इस भिड़ंत की विजेता टीम विश्व कप के फाइनल में पहुंचने की जंग के लिए फ्रांस से टकराएगी।




