21 जून 2026 को सूर्य ने एक बार फिर अपने अप्रत्याशित स्वभाव का परिचय दिया। सौर डिस्क के पूर्वी किनारे पर स्थित सनस्पॉट समूह AR4473 में हाल के सप्ताहों की सबसे बड़ी हलचल दर्ज की गई। रूसी विज्ञान अकादमी (IKI RAN) की सौर खगोल विज्ञान प्रयोगशाला के अनुसार, इस सक्रिय केंद्र से एक ही दिन में दो महत्वपूर्ण चमक निकलीं: पहले M2.6 (लगभग 05:46 MSK या 02:46 UTC) और फिर शाम को एक अधिक शक्तिशाली M6.8–M6.9 विस्फोट, जो 19:29–19:32 UTC के बीच अपने चरम पर था।
AR 4473 produced an M6.8 flare with an associated Type II radio sweep with an estimated speed of 380 km/s, indicating a possible subsequent CME. Analysis will begin as coronagraph imagery becomes available, but given the source location an Earth-directed component is unfavorable.
M-श्रेणी की इन सौर चमक को मध्यम रूप से शक्तिशाली माना जाता है, जिसने पृथ्वी के उजाले वाले हिस्से, विशेषकर अमेरिका और पूर्वी प्रशांत क्षेत्र में R2 स्तर का रेडियो ब्लैकआउट पैदा किया। रेडियो शौकीनों ने HF और VHF बैंड में हस्तक्षेप की सूचना दी, जबकि उत्तरी गोलार्ध में विमान उड़ाने वाले पायलटों को GPS सिस्टम में संभावित खराबी की चेतावनी दी गई, विशेष रूप से तब जब सूर्य आकाश में नीचे की ओर हो।
इस घटना के दौरान 'टाइप II रेडियो स्वीप' दर्ज किया गया, जो शॉक वेव और लगभग 380 किमी/सेकेंड की गति वाले कोरोनल मास इजेक्शन (CME) का संकेत है। हालांकि, सूर्य के किनारे पर इस सनस्पॉट समूह की स्थिति के कारण, NOAA SWPC और अन्य शोध संस्थानों के डेटा बताते हैं कि सौर पदार्थों का मुख्य हिस्सा पृथ्वी के बगल से निकल जाएगा। भू-चुंबकीय क्षेत्र पर इसके मामूली प्रभाव की संभावना भी कम है, और फिलहाल किसी बड़े सौर तूफान का खतरा नहीं दिख रहा है।
AR4473 वर्तमान में सूर्य के दिखने वाले हिस्से पर एकमात्र प्रमुख सक्रिय केंद्र है। यह समूह तेजी से विकसित हो रहा है और इसकी चुंबकीय संरचना 'बीटा-गामा' प्रकार की है, जिससे अगले सप्ताह इसके केंद्र की ओर बढ़ने पर और अधिक फ्लेयर निकलने की संभावना है। यह सौर चक्र 25 के वर्तमान चरण का एक सामान्य लक्षण है जो अपने चरम की ओर बढ़ रहा है, जहां सनस्पॉट्स की बढ़ती संख्या के साथ ऐसी गतिविधियां अक्सर देखी जाती हैं।
विशेषज्ञ लगातार इस क्षेत्र पर नजर बनाए हुए हैं। फिलहाल यह घटना मुख्य रूप से वैज्ञानिकों के लिए एक अध्ययन का विषय है, जो एक नए और ऊर्जावान सनस्पॉट समूह से निकलने वाली तीव्र सौर चमक का सटीक उदाहरण पेश करती है। यद्यपि पृथ्वी पर जनजीवन पर इसका कोई सीधा प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा, लेकिन ऐसी घटनाएं हमें यह जरूर बताती हैं कि हमारी आधुनिक तकनीक हमारे निकटतम तारे की गतिविधियों पर कितनी निर्भर है।
AR4473 का अवलोकन अभी भी जारी है। आने वाले दिनों में यह क्षेत्र अध्ययन के लिए सबसे अच्छी स्थिति में होगा और नई सौर गतिविधियों को जन्म दे सकता है। शांत दिखने वाले समय में भी सूर्य अपनी रहस्यमयी गतिविधियों से दुनिया को हैरान करता रहता है।


