❓ प्रश्न:
नमस्ते प्रिय पाठकों, नमस्ते प्रिय ली। आपकी पुस्तकें मेरी मार्गदर्शिका बन गई हैं। आप उन विरल लेखकों में से एक हैं जो अपनी बातों का खंडन नहीं करते। आपके साथ तार्किक अहंकार और जिज्ञासु आत्मा, दोनों ही शांति का अनुभव करते हैं। प्रशंसा के लिए फिलहाल इतना ही, अब प्रश्न यह है: कृपया बताएं कि चेतना को समझने की आपकी यात्रा कैसी थी? आपने क्या पढ़ा और दुनिया को देखने के एक नए नजरिए की ओर बढ़ने में किन चीजों ने आपकी विशेष रूप से मदद की?
❗️ ली का उत्तर:
यह समझना आवश्यक है कि हर व्यक्ति का मार्ग अलग होता है, क्योंकि हर कोई अपनी समस्याओं को सुलझा रहा है और अपने विशिष्ट अनुभवों के लिए सूक्ष्म रूप से तैयार है। आपको जो कुछ भी पढ़ने की आवश्यकता है, वह सही समय पर स्वतः ही आपके पास आ जाएगा। विशेष रूप से सुझाव न खोजें। इसके बजाय, उस विषय को पहचानें जिसे आज आप जानने के इच्छुक हैं, और आप देखेंगे कि कैसे कोई साहित्य, वीडियो या जानकार व्यक्ति स्वयं जानकारी लेकर आपके सामने आ जाएगा।
केवल "ज्ञान संचित करने" के लिए किताबों की सूची बनाने और उन पर सिर खपाने के बजाय, हर संकेत पर मुड़ते हुए बिंदुवार तरीके से इस मार्ग पर चलना कहीं बेहतर है।
मेरी अपनी यात्रा उन रुचियों से तय हुई थी जो मुझमें बचपन में ही उत्पन्न हुई थीं। इसने मुझे इतनी अधिक सामग्री का अध्ययन करने में मदद की कि आप कभी नहीं जान पाते कि जानकारी का कौन सा हिस्सा किस समय उपयोगी साबित होगा। लेकिन वह सब कुछ जिसमें पहले आपकी रुचि रही है, अंततः सही समय पर अपनी प्रेरणा देता है।
मैंने कभी "क्लासिक" पुस्तकों की एक सूची दी थी, लेकिन आज के समय में शायद वह हमारे पाठकों के लिए पुरानी पड़ चुकी है।




